
अपने स्मार्टवॉच को गर्मी से नुकसान पहुँचाना बंद करें।
जब आप स्मार्टवॉच में इस्तेमाल होने वाले गोंद को सुखाने की कोशिश करते हैं, तो ऐसा लगता है कि जितनी अधिक गर्मी होगी, उतनी ही जल्दी प्रक्रिया पूरी होजाएगी। लेकिन वास्तव में यह इस बात पर निर्भर है कि गोंद को आपके द्वारा दी गई रोशनी पसंद आती है या नहीं।
यदि आपके आईआर लैंप की तरंगदैर्घ्य, गोंद की तरंगदैर्घ्य से मेल नहीं खाती, तो ऊर्जा सीधे ही वापस चली जाती है। ऐसी स्थिति में गोंद पिघलता नहीं, बल्कि फक्त स्मार्टवॉच का चेसिस नष्ट हो जाता है, और बैटरी पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
गर्मी के “रंग” का क्यों महत्व है?
वेयरेबल्स में इस्तेमाल होने वाले गोंद बहुत ही संवेदनशील होते हैं। वे केवल विशिष्ट तरंगदैर्घ्य वाली इन्फ्रारेड रोशनी के प्रति ही प्रतिक्रिया देते हैं – छोटी, मध्यम या लंबी तरंगदैर्घ्य वाली।
ज्यादातर गर्मी-सेट या यूवी गोंद, छोटी तरंगदैर्घ्य वाली इन्फ्रारेड रोशनी को ही पसंद करते हैं। जब आप ऐसा लैंप इस्तेमाल करते हैं, तो फोटॉन सीधे ही गोंद में घुस जाते हैं, जिससे रासायनिक बंधन तुरंत ही बन जाता है। यह एक बेहतर तरीका है।
अधिक गर्मी के बजाय बुद्धिमानी से काम करें।
यदि आपका लैंप उपयुक्त न हो, तो आपको गर्मी को बढ़ाकर ही काम करना होगा। लेकिन ऐसा करने से स्मार्टवॉच को नुकसान पहुँच सकता है।
गर्मी के कारण OLED पैनल या लिथियम बैटरी को नुकसान पहुँच सकता है। लेकिन यदि आप ऐसा लैंप इस्तेमाल करें, जिससे रोशनी केवल गोंद पर ही पड़े, तो गोंद सुखने में लगने वाला समय मिनटों से कुछ सेकंडों में ही कम हो जाएगा।
कुछ बातें ध्यान में रखें।
ये उच्च-तीव्रता वाले लैंप बहुत ही शक्तिशाली होते हैं। इसलिए तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में काँच एवं धातु के घटक अलग-अलग दर से फैल सकते हैं। यदि आप सावधान न रहें, तो गोंद में बुलबुले बन सकते हैं, या फिर स्क्रीन का पोलराइजर नष्ट हो सकता है।
इसलिए ऐसे लैंपों का उपयोग करते समय समय-नियंत्रण आवश्यक है। वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से लैंप के घटक नष्ट हो सकते हैं। इसलिए हमेशा सुरक्षात्मक उपाय करें। प्रत्यक्ष इन्फ्रारेड रोशनी से बचें।